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अभी कल ही की तो बात है...

वो हर सुबह जल्दी मां जगा दिया करती थी, कभी हाथ थामकर तो कभी मारकर स्कूल भगा दिया करती थी... हम भी बेमन अपनी पगडंडी पर उस ओर निकल जाया करते थे, शाम को जल्दी वापस घर आना है, खेलने जाना है..सोच में डूब जाता करते थे.... अभी कल ही की तो बात है.... कुछ बड़े हुए स्कूल छोड़ा और कॉलेज की राह पर खुद ही निकल जाया करते थे, मां सुबह तो अब भी जल्दी ही उठाती थी लेकिन अब हम भी उठ जाया करते थे... घर से निकलते कॉलेज जाते और मस्ती में डूबे शाम को नहीं... हां लेकिन रात को घर की ओर निकल ही आया करते थे.... अभी कल ही की तो बात है...

छोटा सा गाँव मेरा पूरा बिग बाजार था...

छोटा सा गाँव मेरा पूरा बिग बाजार था... एक नाई, एक मोची, एक लुहार था... छोटे छोटे घर थे, हर आदमी बड़ा दिलदार था... कही भी रोटी खा लेते, हर घर मे भोजऩ तैयार था.... बाड़ी की सब्जी मजे से खाते थे जिसके आगे शाही पनीर बेकार था... दो मिऩट की मैगी ना, झटपट दलिया तैयार था.... नीम की निम्बोली और शहतुत सदाबहार था.... छोटा सा गाँव मेरा पूरा बिग बाजार था... . अपना घड़ा कस के बजा लेते समारू पूरा संगीतकार था.... मुल्तानी माटी से तालाब में नहा लेते, साबुन और स्विमिंग पूल बेकार था... और फिर कबड्डी खेल लेते, हमे कहाँ क्रिकेट का खुमार था.... दादी की कहानी सुन लेते,कहाँ टेलीविज़न और अखबार था.... भाई -भाई को देख के खुश था, सभी लोगों मे बहुत प्यार था.... छोटा सा गाँव मेरा पूरा बिग बाजार था...!!

माँ तो माँ होती है...!!

ये दुनिया है तेज़ धूप, पर वो तो बस छाँव होती हैं | स्नेह से सजी, ममता से भरी, माँ तो बस माँ होती हैं || हम बच्चों पर बचपन ही से वो लाड-प्यार बरसाती हैं, पापा जब गुस्सा करते हैं तो वो उनसे भी लड़ जाती हैं | चैन से हम सो जाते हैं जब वो पास हमारे होती हैं, स्नेह से सजी, ममता से भरी, माँ तो बस माँ होती हैं || हम सब जब कुछ गलत करें तो वो प्यार से बहुत समझाती हैं, तब भी गर हम ना सुधरें तो वो कस के रपट लगाती हैं | खुद ही मार देने पर वो कोने में जा कर कितना रोती हैं, स्नेह से सजी, ममता से भरी, माँ तो बस माँ होती हैं || माँ से बढ़कर कोई नहीं है इस सारे संसार में, फिर भी हम उनसे दूर हैं होते, एक धोखे से प्यार में | इतने पर भी माँ के चेहरे पर मुस्कान और दुआएं होती हैं, स्नेह से सजी, ममता से भरी, माँ तो बस माँ होती हैं || ये दुनिया है तेज़ धूप, पर वो तो बस छाँव होती हैं | स्नेह से सजी, ममता से भरी, माँ तो बस माँ होती हैं ||