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पगली लड़की मेरे साथ रहने को लड़ती है

अक्सर उसके मुंह से एक बात सुनाई देती है, उसके चेहरे पर हंसी में छुपी एक बात दिखाई देती है. वो नाराज भी है मुझसे और प्यार भी करती है, रूठती भी है मुझसे और मुझे मनाने को भी तरसती है. कई बार समय का हवाला देती है और खुद ही उनमें उलझी रहती है, खुद ही फिर संभालती भी है और खुद ही फिर बिगड़ती है. नाराजगी फिर भी वैसी ही रहती है और मनाने को भी तरसती है. चेहरा भी दिखाती है अपना मुझे और छुपाकर भी रखती है, कुछ कहती है फिर चुप रहती है और फिर बिन कहे बहुत कुछ कह देती है. मेरे साथ चार कदम चलने से भी मना करती है, और फिर जीवन भर साथ रहने का दावा करती है. उसकी हंसी उसकी ख़ुशी और उसकी मुस्कान बहुत कुछ कहती है. साथ देने का वादा भी मुझसे करती है और पगली लड़की मेरे साथ रहने को भी लड़ती हैं. 

तुम नहीं समझोगे..!!

कैसा लगता है जब तुम कहते हो कि "तुम बस रहने दो?" तुम्हे बताऊँ...खैर रहने दो क्योंकि तुम नहीं समझोगे.. तुम नहीं समझोगे कि क्यों हम बात नहीं कर पाते, तुम नहीं समझोगे कि आखिर क्यों हम मुलाकात नहीं कर पाते... तुमने बस अपनी ही बातें करनी होती हैं मुझसे, मुझे क्या कहना है कभी तो पूछ भी लो मुझसे... मैं भी अपनी बातें बताउंगी तुम्हे...उतने ही प्यार से..वैसे ही अहसास से... मैं चाहती हूं कि बैठूं तुम्हारे पास...अपने कांपते हाथों में लेकर तुम्हारा हाथ... मगर दिल सिसक सा जाता है ऐसे ही अचानक...अमूमन... मेरे जहन में आता है कि कह दूँ तुमसे...लेकिन "तुम नहीं समझोगे" (हितेश सोनगरा)

शायद...!!

तुम्हारे लिए मैं ताज ना बनवा पाऊं शायद, लेकिन घर बनाना मुझे आता है... मुझे नहीं आता कैसे बनाते है 56 भोग, पर चाय बनाना मुझे आता है.... हो सकता है महंगी कार में घुमने का सपना शायद सपना ही रह जाए तुम्हारा... लेकिन यकीन रखना मुझपर तुम्हे कभी पैदल ना चलने देना मुझे आता है.... जब गर्मी सताएगी तो शायद एसी की ठंडी हवा ना मिल पाएगी तुम्हे... लेकिन तुम्हे अपने प्यार की छाँव में हमेशा रखना मुझे आता है... हो सकता है हमारे सपनों का आशियाँ चमकते हुई दीवारों से न बना हो... पर जो भी हो उसे खुशियों से भरना और स्वर्ग से सुंदर बनाना मुझे आता है.... मैं वादा करता हूं जिन्दगी के हर मोड़ पर लड़ता भी रहूँगा तुमसे... लेकिन फिर तुम्हारे सामने काम पकड़कर उसी मासूमियत से तुम्हे मनाना भी मुझे आता है... बस मुझे नहीं आता तो तुम्हारे बिना रहना और सांसे लेते रहना... हाँ मुझे नहीं आता तुम्हारे बिना हर सुबह का सपना देखना... ये कहने में शर्म नहीं है आज मुझे कि नहीं आता मुझे... मुझे नहीं आता खुश रहना बिन तुम्हारे....नहीं आता