Skip to main content

Posts

Showing posts with the label harivansh rai bachchan

हरिवंशराय बच्चन की एक सुंदर कविता...!!

खवाहिश  नही  मुझे  मशहूर  होने  की। आप  मुझे  पहचानते  हो  बस  इतना  ही  काफी  है।  अच्छे  ने  अच्छा  और  बुरे  ने  बुरा  जाना  मुझे। क्यों  कि  जिसकी  जितनी  जरुरत  थी  उसने  उतना  ही  पहचाना  मुझे। ज़िन्दगी  का  फ़लसफ़ा  भी   कितना  अजीब  है,  शामें  कटती  नहीं,  और  साल  गुज़रते  चले  जा  रहे  हैं....!! एक  अजीब  सी  दौड़  है  ये  ज़िन्दगी,  जीत  जाओ  तो  कई  अपने  पीछे  छूट  जाते  हैं, और  हार  जाओ  तो  अपने  ही  पीछे  छोड़  जाते  हैं। बैठ जाता हूं मिट्टी पे अक्सर... क्योंकि मुझे अपनी औकात अच्छी लगती है.. मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीक़ा, चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना।। ऐसा नहीं है कि मुझमें कोई ऐब ...