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बीते कुछ दिनों से उदास है जिंदगी।।

बीते कुछ दिनों से कुछ उदास है जिंदगी,
कल तक थी उसके पास और आज फिर अपने पास है जिंदगी।
वैसे तो उसके जाने का अफसोस भी कम नहीं,
पर उसके लौट के ना आने से तार-तार है जिंदगी।
इंतजार उस शख्स का कैसे ना होता,
जिसके हर पल में अहसास था कि तुम ही हो जिंदगी।
पर आज जब वो पलट कर अपने पास ना आया,
तब कहीं मन ने एक सच जाना कि कुछ ऐसी ही होती है जिंदगी।
उसे तेरा होना होता, तेरे पास आना होता तो आ चुका होता,
जो ना आया तो समझ आया शायद इसी का नाम है जिंदगी।

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कैसा लगता है जब तुम कहते हो कि "तुम बस रहने दो?" तुम्हे बताऊँ...खैर रहने दो क्योंकि तुम नहीं समझोगे.. तुम नहीं समझोगे कि क्यों हम बात नहीं कर पाते, तुम नहीं समझोगे कि आखिर क्यों हम मुलाकात नहीं कर पाते... तुमने बस अपनी ही बातें करनी होती हैं मुझसे, मुझे क्या कहना है कभी तो पूछ भी लो मुझसे... मैं भी अपनी बातें बताउंगी तुम्हे...उतने ही प्यार से..वैसे ही अहसास से... मैं चाहती हूं कि बैठूं तुम्हारे पास...अपने कांपते हाथों में लेकर तुम्हारा हाथ... मगर दिल सिसक सा जाता है ऐसे ही अचानक...अमूमन... मेरे जहन में आता है कि कह दूँ तुमसे...लेकिन "तुम नहीं समझोगे" (हितेश सोनगरा)

Mahaan Vyakti

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